० 16 अक्टूबर, 2022 को हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने पंचकूला जिले में पंचायती राज प्रकोष्ठ के सम्मेलन के दौरान घोषणा की कि राज्य की सभी चौपालों को भविष्य में डॉ. भीमराव अंबेडकर भवन के नाम से जाना जाएगा।
० दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा के गांव में पार्टीबाजी और जातीय तनाव को खत्म करने के लिए राज्य सरकार ने यह अहम फैसला लिया है।
० इसके तहत गांव में बनने वाली चौपालें किसी एक जाति अथवा संप्रदाय के नाम पर नहीं होगी, बल्कि ऐसी चौपालों को भविष्य में डॉ. भीमराव अंबेडकर भवन के नाम से जाना जाएगा।
० पूर्व में जिन चौपालों के नाम अन्य नामों पर रखे गए हैं उनके नाम में भी बदलाव होगा।
० यह प्रक्रिया मौजूदा पंचायती राजव्यवस्था के चुनाव नतीजों के बाद लागू होगी।
० दुष्यंत चौटाला ने बताया कि काफी लोगों ने इस बात की शिकायत की है कि चौपालों के नाम किसी जाति विशेष, व्यक्ति विशेष अथवा संप्रदाय के नाम पर रखे जा रहे हैं। ऐसा करने से गांव में तनाव बढ़ रहा है, आपसी झगड़े हो रहे हैं, इसलिए सरकार ने निर्णय लिया है कि सभी चौपालों का नाम डॉ. भीमराव अंबेडकर भवन के रूप में होगा।
० इसके लिए निर्वाचित पंचायतों को इस बारे में प्रस्ताव बनाकर देना होगा तथा पूरी चौपालों का नाम बदलने का प्रस्ताव भी सरकार को भेजना होगा।

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